inspirational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं
inspirational लेबलों वाले संदेश दिखाए जा रहे हैं. सभी संदेश दिखाएं

मनुष्य सबसे बुद्धिमान प्राणी है।

प्रार्थना करते समय समझता है कि भगवान सब सुन रहा है,
पर निंदा करते हुए ये भूल जाता है।

पुण्य करते समय यह समझता है कि भगवान देख रहा है,
पर पाप करते समय ये भूल जाता है।

दान करते हुए यह समझता है कि भगवान सब में बसता है,
पर चोरी करते हुए ये भूल जाता है।

प्रेम करते हुए यह समझता है कि पूरी दुनिया भगवान ने बनाई है,
पर नफरत करते हुए ये भूल जाता है।

.........और हम कहते हैं कि मनुष्य सबसे बुद्धिमान प्राणी है।

Balance Sheet of Life

Balance Sheet of Life

The happiness of life is made of little things - a smile, a hug, a moment of shared laughter

It’s not the wealth you amass but what you give to others & the lives you touch that you take with you for eternity!

Our Birth is our Opening Balance!
Our Death is our Closing Balance!
Our Prejudiced Views are our Liabilities

Our Creative Ideas are our Assets
Heart is our Current Asset
Soul is our Fixed Asset

Brain is our Fixed Deposit
Thinking is our Current Account
Achievements are our Capital

Character & Morals, our Stock-in-Trade
Friends are our General Reserves
Values & Behaviour are our Goodwill

Patience is our Interest Earned
Love is our Dividend
Children are our Bonus Issues
Education is Brands / Patents
Knowledge is our Investment
Experience is our Premium Account
The Aim is to Tally the Balance Sheet Accurately.
The Goal is to get the Best Presented Accounts Award.
Some very Good and Very bad things ....

The most destructive habit...............Worry
The greatest Joy......................Giving
The greatest loss.................Loss of self-respect
The most satisfying work..........Helping others
The ugliest personality trait...Selfishness
The most endangered species...Dedicated leaders

Our greatest natural resource...............Our youth
The greatest 'shot in the arm'..........Encouragement
The greatest problem to overcome..................Fear  
The most effective sleeping pill........Peace of mind
The most crippling failure disease..............Excuses
The most powerful force in life..................Love
The most dangerous pariah...................A gossiper
The world's most  incredible computer........The brain
The worst thing to be without.................... Hope
The deadliest weapon........................The tongue
The two most power-filled words................'I Can'
The greatest asset...............................Faith
The most worthless emotion...................Self-pity
The most beautiful attire.......................SMILE!
The most prized possession.................Integrity
The most powerful channel of communication.....Prayer
The most contagious spirit.................Enthusiasm

The most important thing in life...........GOD

Life: IMPORTANT THREE


Three things to respect..
Old Age, Religion and Law
***************************************
Three Things to Love..
Purity, Honesty and Hard work.
***************************************
Three Things to Coltivate...
Courage, Cheerfulness and
Contentment.
***************************************
Three Things to Maintain..
Promise, Friendship and Affection.
***************************************
Three Things to Control...
Tounge, Temper and Temptation.
***************************************
Three Things to Watch..
Speech, Behavior and Action.
***************************************
Three Things to Prevent...
Laziness, Falsehood and Slander.
***************************************
LIFE IS CHANGE
GROTH IS OPTIONAL
CHOOSE WELL!
**************

कहाँ हैं भगवान ?

एक आदमी हमेशा की तरह अपने नाई की दूकान पर बाल कटवाने गया. 


बाल कटाते वक़्त अक्सर देश-दुनिया की बातें हुआ करती थीं…. 

आज भी वे सिनेमा, राजनीति और खेल जगत , इत्यादि के बारे में बातकर रहे थे 
कि अचानक भगवान् के अस्तित्व को लेकर बात होने लगी. 

नाई ने कहा , “ देखिये भैया ,आपकी तरह मैं भगवान् के अस्तित्व में यकीन नहीं रखता.” 

“तुम ऐसा क्यों कहते हो?”,आदमी ने पूछा . 

“अरे , ये समझना बहुत आसान है , 

बस गली में जाइए और आप समझ जायेंगे कि भगवान् नहीं है. 

आप ही बताइए कि अगर भगवान् होते तो क्या इतने लोग बीमार होते? 

इतने बच्चे अनाथ होते ? 

अगर भगवान् होते तो किसी को कोई दर्द कोई तकलीफ नहींहोती 

”,नाई ने बोलना जारी रखा , 

“मैं ऐसे भगवान के बारे में नहीं सोच सकता जो इन सब चीजों को होने दे .आप 
ही बताइए कहाँ है भगवान?” 

आदमी एक क्षण के लिए रुका , कुछ सोचा, पर बहस बढे ना इसलिए चुप ही रहा . 

नाई ने अपना काम ख़तम किया 

और आदमी कुछ सोचते हुए दुकानसे बाहर निकला और कुछ दूर जाकर खड़ा हो गया. . 

कुछ देर इंतज़ार करने के बादउसे एक लम्बी दाढ़ी – मूछ वाला अधेड़ 
व्यक्ति उस तरफ आता दिखाई पड़ा, 

उसे देखकर लगता था मानो वो कितने दिनोंसे नहाया-धोया ना हो. 

आदमी तुरंत नाई कि दुकान में वापस घुस गया और बोला , 

“ जानतेहो इस दुनिया में नाई नहीं होते!” 

“भला कैसे नहीं होते हैं?, नाई ने सवाल किया, “ मैं साक्षात तुम्हारे सामने हूँ!! ” 


“नहीं ” आदमी ने कहा, “ वो नहीं होते हैं, वरना किसी की भी लम्बी दाढ़ी – 
मूछ नहीं होती पर वो देखो सामने उस आदमी की कितनी लम्बी दाढ़ी-मूछ है !!” 

“अरे नहीं भाई साहब नाई होते हैं लेकिन बहुत से लोग हमारे पास नहीं आते .” नाई बोला 

“बिलकुल सही ” आदमी ने नाई को रोकते हुए कहा ,”यही तो बात है , भगवान भी 
होते हैं पर लोग उनके पास नहीं जाते और ना ही उन्हें खोजने का प्रयास 
करते हैं, इसीलिए दुनिया में इतना दुःख-दर्द है.” 

क्या आप जानते है ???

क्रोध का अपना पुरा खानदान है ॥ क्या आप जानते है ???

:•~ क्रोध की एक लाडली बहन है - जिद ॥
:•~ क्रोध की पत्नी है - हिंसा ॥
:•~ क्रोध का बडा भाइ है - अहंकार ॥
:•~ क्रोध का बाप जिससे वह डरता है - भय ॥
:•~ क्रोध की बेटीया है - निंदा और चुगली ॥
:•~ क्रोध का बेटा है - वैर ॥
:•~ इस खानदान की नकचढी बहु है - ईर्ष्या ॥
:•~ क्रोध की पोती है - ध्रूणा ॥
:•~ क्रोध की मां है - उपेक्षा ॥

तो क्रोध के खानदान से हमेंशा दुर रहीये..॥

राहगीर का जवाब

राहगीर का जवाब

एक बार ब्रिटेन के प्रधानमंत्री लायर्ड जॉर्ज एक युवा सांसद के साथ कार में बैठकर कहीं जा रहे थे। वे रास्ता भटक गए। जॉर्ज सांसद से बोले, 'यहां से आगे जाने का रास्ता मुझे मालूम नहीं है। किसी राहगीर से आगे का रास्ता पूछना होगा।' लेकिन काफी देर तक उन्हें वहां कोई नजर नहीं आया। यह देखकर जॉर्ज सांसद से बोले, 'यहां तो कोई नजर ही नहीं आ रहा। हम आगे कैसे जाएं? क्या तुम्हें आगे के रास्ते की कोई जानकारी है?' सांसद बोला, 'सर, मुझे भी इस रास्ते की कोई जानकारी नहीं है।' काफी देर बाद एक व्यक्ति आता हुआ दिखा। उसे आते देखकर जॉर्ज उसके पास अपनी गाड़ी ले जाकर बोले, 'महाशय, क्या आप बता सकते हैं कि हम इस वक्त कहां हैं?' यह सुनकर राहगीर जॉर्ज को देखते हुए बोला, 'महोदय, आप इस वक्त अपनी गाड़ी में हैं।' यह कहकर वह आगे बढ़ गया। जॉर्ज सांसद से बोले, 'यह बड़ा ही हाजिरजवाब था। हमारे मंत्रियों को पार्लियामेंट में पूछे गए प्रश्नों का जवाब इस नागरिक के समान चतुराई से देना चाहिए। इसके उत्तर में तीन गुण हैं। पहला यह कि उत्तर संक्षिप्त है। दूसरा यह कि उत्तर तथ्य से पूर्ण और सही है और तीसरा खास गुण यह है कि प्रश्न पूछने वाला व्यक्ति ठीक उतनी ही जानकारी पाता है कि जितनी कि उत्तर पाने के पहले उसे थी।' जॉर्ज की यह बात सुनकर सांसद दंग रह गया। वह मुस्कराते हुए बोला, 'आप बिल्कुल ठीक कहते हैं। मैं भी ऐसी हाजिरजवाबी और कुशलता अपने अंदर लाने का प्रयास करूंगा।'

भक्ति का सुख

भक्ति का सुख

संत तिरुवल्लुवर की सभा में आए एक श्रद्धालु ने उनसे पूछा-महाराज, मैं हर रोज प्रभु का भजन-कीर्तन करता हूं, ध्यान भी लगाता हूं पर पता नहीं क्यों कोई खास सुख नहीं मिला। सुनता हूं कि ईश्वरोपासना में अद्भुत सुख की प्राप्ति होती है। पर मुझे क्यों नहीं हो रही? संत ने कहा- तुम आज और कल व्रत रखना और परसों यहीं आकर मेरे सामने व्रत खोलना। फिर इस बारे में विस्तार से चर्चा होगी।
उस व्यक्ति ने दो दिनों तक कुछ नहीं खाया। इस तरह व्रत रखने का यह उसका पहला अनुभव था। वह काफी परेशान हो गया। लेकिन उसने संत को वचन दिया था। इसलिए उसने अपना जी कड़ा कर रखा था। अगले दिन सुबह होते ही वह संत के पास भागता हुआ पहुंचा। लेकिन संत उस समय ध्यानमग्न थे। इसलिए वह कुछ नहीं कह पाया। वह वहीं बैठकर ध्यान टूटने की प्रतीक्षा करने लगा।
वह कुछ खाने के लिए तड़प रहा था। दोपहर में संत विश्राम के लिए कुटिया में चले गए। उस व्यक्ति का धैर्य जवाब दे रहा था। शाम होते ही जब संत बाहर निकले तो वह उनके चरणों में गिर पड़ा। फिर गिड़गिड़ाते हुए बोला- महाराज, अब मेरा व्रत तुड़वाइए नहीं तो मेरे प्राण निकल जाएंगे। संत ने तुरंत उसके लिए भोजन मंगवाया। जब वह खाने लगा तो संत ने पूछा- कहो, खाना कैसा लग रहा है? वह बोला- महाराज, ऐसा सुख तो आज तक नहीं मिला। तब संत ने समझाया-इसी भूख जैसी तड़प जिस दिन तुम ईश्वर के लिए पैदा कर लोगे तुम्हें भक्ति में ऐसा ही अद्भुत सुख मिलने लगेगा।

फूल और कांटे


फूल और कांटे


हकीम लुकमान बड़े तत्वज्ञानी थे। बचपन में वह गुलाम थे। वह दिन-रात मालिक की सेवा में लगे रहते थे। उनके मालिक ने एक दिन लुकमान को जान-बुझकर एक कड़वी ककड़ी खाने को दी। मालिक ने सोचा था कि लुकमान इसे चखते ही फेंक देगा मगर वह पूरी ककड़ी बिना मुंह बनाए खा गए। उनके चेहरे के हाव-भाव से ऐसा बिल्कुल नहीं लगा कि ककड़ी उन्हें कड़वी लगी। मालिक ने पूछा, 'वह ककड़ी तो कड़वी थी, उसे तू पूरी खा कैसे गया?' लुकमान ने कहा, 'मेरे अच्छे मालिक! आप मुझे रोज ही खाने-पीने की कितनी चीजें देते हैं, उन्हीं के सहारे मेरा जीवन चल रहा है। आपने मुझे जब हमेशा इतनी सारी अच्छी वस्तुएं दीं और उन्हें मैंने स्वीकार कर अपना जीवन चलाया तो आज अगर कड़वी चीज आ गई, तो उसे भी स्वीकार क्यों न करता?'

लुकमान ने फिर कहा, 'मुझे तो आपकी बगिया में ही रहना है। मुझे तो आपके फूलों से भी उतना ही प्यार है, जितना कांटों से।' मालिक बड़ा उदार व समझदार था। वह सोचने लगा कि उस मालिक ने हमें जन्म दिया, हमारा पालन किया। उसने हमें इतने सुख में रखा तो अगर कभी-कभार विपत्तियां आ भी जाएं तो हमें उन्हें ईश्वर की कृपा मानकर ही कबूल करना चाहिए। फिर उसने लुकमान से कहा, 'तुमने मुझे सबक सिखाया है कि जो परमात्मा हमें तरह-तरह के सुख देता है उसके हाथ से अगर कभी दुख भी मिले तो उसे खुशी से स्वीकार करना चाहिए।' मालिक ने लुकमान का बड़ा सम्मान किया और उसी दिन उन्हें आजाद कर दिया।

MY MOTHER


MY  MOTHER
When you feel you are alone in the Crowd,
When you Think No one can Understand you,
When your love is rejected by others,
& when you hate your Life,
Just Close your eyes,
& see,
Her face who Loves you,
More than any one else,
Who Cares for you in loneliness,
& dies when you cry.
She is no one else
But your Sweet Loving MOTHER.
Always Love your mom.
,

conversation

One day a man having conversation with god when his whole life flashed before his eyes as a series of footsteps on the sands of time.

He saw that there were two pairs of footprints, but during the most difficult periods of his life there were only one set of footprints.


He asked god "You said you will be with me throughout this journey, but why have you deserted me during the most critical times of my life??"


To which god answered "Son, I did not desert you, I was always with you...you see only one set of footprints because during those difficult times in your life, I was carrying you

Inspiring Book & Paper Sculptures


A Fun Time With Knowledge. This book sculpture features very detailed skeleton sculptures and old school music player, but what made this sculpture really special is the fact that nobody knows who created it – the artwork was delivered to a library or certain event secretly. (Image Source:chrisdonia)
a fun time with knowledge 40+ Inspiring Book & paper Sculptures

123