In local government, a city hall, town hall or (more rarely) a municipal building or civic center, is the chief administrative building of a city town or other municipality. It usually houses the city or town council, its associated departments, and their employees. It also usually functions as the base of the mayor of a city, town, borough, or county. As symbols of local government, city and town halls have distinctive architecture, and the buildings may have great historical significance – for example the Guildhall, London. City hall buildings may also serve as cultural icons that symbolize their cities as is the case with Toronto City Hall, Brussels Town Hall, Philadelphia City Hall, and Los Angeles City Hall, that have been featured in Hollywood films.
'नग्नता' में पवित्रता
भारत को मंदिरों का देश कहा जाता है। यहां पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा हिन्दुओं की आबादी रहती है। धर्म में आस्था रखने वाले लोगों के लिए मंदिर पूज्यनीय होते हैं। परंपरा के मुताबिक हर मंदिर में एक भगवान की प्रतिमा होती है, जिसकी पूजा श्रद्घालु करते हैं।
मंदिरों की इस श्रृखंला के बीच कई ऐसे भी मंदिर हैं जो मंदिर के परंपरागत स्वरूप को तोड़ते हैं। ये सभी मंदिर परंपरा और इतिहास से भिन्न हैं। कहीं नग्नता को ही पवित्रता माना जाता है, तो कहीं परंपरा से परे आस्था को तरहीज दी जाती है।
आइए ऐसे ही कुछ भारतीय मंदिरों पर नजर डालते हैं-
1- खजुराहो मंदिर, मध्यप्रदेश
2- वाइटल ड्यूल मंदिर, उड़ीसा
3- दशानन रावण मंदिर, कानपुर, यूपी
4- डॉग टेम्पल, कर्नाटक
5- सहसराक्षी मेरु मंदिर, आंध्र प्रदेश
6- राजारानी मंदिर, भुवनेश्वर
रहस्य, रोमांच और कौतूहल से भरी 10 गुफाएं
इंसान जब सभ्य होने लगा तो उसे रहने की चिंता सताई। कभी पड़ों पर रहने वाले इंसानों ने पहाड़ों में बने गुफाओं को अपना घर बनाना शुरू किया। प्राकृतिक रूप से बनी ये गुफाएं उन्हें रोमांचित करती रहती थी। इसकी खोज में भटकते-भटकते उन्होंने कई गुफाओं की खोज कर ली। इनमें रहने के अलावा अपनी आस्था के मुताबिक मंदिर स्थापित किए। उनमें चित्रकारी की। इसका प्रमाण आज भी मौजूद है।
रहस्य, रोमांच और आध्यात्म को प्रदर्शित करती ये गुफाएं आज भी इंसानों को लुभाती हैं। यही कारण है कि प्राकृतिक गुफाओं के अलावा कृत्रिम गुफाओं का भी निर्माण किया गया है। प्रमाणों के मुताबिक, सर्वप्रथम मानव निर्मित गुफाओं का निर्माण दूसरी शताब्दी ई.पू. के आसपास हुआ था।
आइए रहस्य, रोमांच और आध्यात्म को प्रदर्शित करती ऐसे ही कुछ गुफाओं को तस्वीरों के माध्यम से जानते और समझते हैं-
1- अजंता और एलोरा की गुफाएं, महाराष्ट्र
2- एलिफैंट आइसलैंड केव, महाराष्ट्र
3- बादामी, कर्नाटक
4- उदयगिरि और खंदागिरी की गुफाएं, उड़ीसा
5- ताबू गुफाएं, हिमाचल प्रदेश
6- मेघालय की गुफाएं
7- अमरनाथ गुफा, जम्मू और कश्मीर की गुफाएं
8- अंदावली और मोगलाराजपुरम की गुफाएं, आंध्र प्रदेश
9- त्रिची रॉक फोर्ट और पल्लवा की गुफाएं, तमिलनाडू
10- दुंगेश्वर गुफा मंदिर, बिहार
रहस्य, रोमांच और आध्यात्म को प्रदर्शित करती ये गुफाएं आज भी इंसानों को लुभाती हैं। यही कारण है कि प्राकृतिक गुफाओं के अलावा कृत्रिम गुफाओं का भी निर्माण किया गया है। प्रमाणों के मुताबिक, सर्वप्रथम मानव निर्मित गुफाओं का निर्माण दूसरी शताब्दी ई.पू. के आसपास हुआ था।
आइए रहस्य, रोमांच और आध्यात्म को प्रदर्शित करती ऐसे ही कुछ गुफाओं को तस्वीरों के माध्यम से जानते और समझते हैं-
1- अजंता और एलोरा की गुफाएं, महाराष्ट्र
2- एलिफैंट आइसलैंड केव, महाराष्ट्र
3- बादामी, कर्नाटक
4- उदयगिरि और खंदागिरी की गुफाएं, उड़ीसा
5- ताबू गुफाएं, हिमाचल प्रदेश
6- मेघालय की गुफाएं
7- अमरनाथ गुफा, जम्मू और कश्मीर की गुफाएं
8- अंदावली और मोगलाराजपुरम की गुफाएं, आंध्र प्रदेश
9- त्रिची रॉक फोर्ट और पल्लवा की गुफाएं, तमिलनाडू
10- दुंगेश्वर गुफा मंदिर, बिहार
प्रकृति के 5 अद्भुत चमत्कार
पूरी दुनिया में प्राकृतिक नजारों को देख कर बरबस ऐसा लगता है कि इस धरती से परे कोई शक्ति हमें संचालित करती है। हमारा ख्याल रखती है। दुनिया के कोने-कोने में हमें यह अद्भुत नजारा देखने को मिलता है। पेड़-पौधे, पत्तियां, नदीं, झील, झरने और पहाड़ सबकुछ प्रकृति का दिया अनमोल तोहफा है।
भारत के सभी राज्यों में प्रकृति की छटा देखने को मिलती है।
1- मनीकरन, हिमाचल
2- बोर्रा गुफा, आंध्र प्रदेश
3- मैगनेटिक हिल, लद्दाख
4- अमरनाथ मंदिर, जम्मू-कश्मीर
5- लिविंग रूट ब्रिज, चेरापूंजी
टाट वाले बाबा
गठा हुआ लंबा शरीर। धरती को छूते लंबे-लंबे भूरे बाल। ओज से चमकता चेहरा। बुढ़ापे में भी जवानी जैसा जोश। जी हां, हम बात कर रहे हैं टाट वाले बाबा की। उनकी योग शक्ति से आज दुनिया भले ही अनजान है, लेकिन उनकी उपलब्धियां और शक्तियां बहुत महत्वपूर्ण थीं। टाट वाले बाबा का जन्म पंजाब के एक मध्यवर्गीय परिवार में हुआ था। बचपन में परिवारिक परिस्थितियों के कारण वह अधिक शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाए थे। 9 साल की उम्र में वह योग और ध्यान करने लगे। बड़े होने पर उनकी शारीरिक बनावट देख कर मित्रों ने आर्मी ज्वाइन करने का सुझाव दिया। वह मान गए और आर्मी ज्वाइन कर ली, लेकिन उनको आर्मी का जीवन रास नहीं आया। उन्होंने दो महीने बाद ही इस्तीफा दे दिया और साधुओं की तरह जीवन जीने लगे।
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